बिहार सरकार ने राज्य सुरक्षा समिति की समीक्षा के बाद कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन किया है। सुरक्षा एजेंसियों से प्राप्त रिपोर्ट, खतरे के आकलन और मौजूदा परिस्थितियों की समीक्षा के आधार पर यह निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने और वास्तविक जरूरतों के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से समय-समय पर ऐसी समीक्षा की जाती है। गृह विभाग (विशेष शाखा) ने गुरुवार देर शाम इस संबंध में आदेश जारी किया।
लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को मिलेगी एसएसजी सुरक्षा
नई व्यवस्था के तहत लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को मिल रही जेड प्लस (Z+) श्रेणी की सुरक्षा समाप्त कर दी गई है। अब दोनों को पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते विशेष सुरक्षा दल (SSG) अधिनियम 2010 के तहत एसएसजी सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इस सुरक्षा व्यवस्था में बी-सैप के हाउसगार्ड, बुलेटप्रूफ वाहन, पटना पुलिस के अंगरक्षक तथा वाहन एस्कॉर्ट पायलट की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
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तेजस्वी यादव की वाई प्लस सुरक्षा बरकरार
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा व्यवस्था लगभग यथावत रखी गई है। उन्हें पहले की तरह एस्कॉर्ट वाहन के साथ वाई प्लस (Y+) श्रेणी की सुरक्षा मिलती रहेगी। हालांकि नई व्यवस्था के तहत उनकी सुरक्षा में अब केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के जवान शामिल नहीं होंगे।
तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में बड़ी कटौती
सुरक्षा समीक्षा के दौरान सबसे बड़ा बदलाव तेज प्रताप यादव की सुरक्षा व्यवस्था में किया गया है। सरकार ने उन्हें दी जा रही वाई (Y) श्रेणी की सुरक्षा वापस लेने का फैसला किया है। अब पूर्व विधायक होने के नाते उन्हें वाई श्रेणी सुरक्षा के स्थान पर केवल एक अंगरक्षक (बॉडीगार्ड) की सुविधा दी जाएगी।
राजश्री यादव और मीसा भारती की सुरक्षा व्यवस्था यथावत
तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव को पहले की तरह एक महिला अंगरक्षक की सुरक्षा उपलब्ध रहेगी। वहीं सांसद मीसा भारती को तीन अंगरक्षकों की सुरक्षा सुविधा मिलती रहेगी।
अन्य नेताओं की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं
सरकारी सूत्रों के अनुसार राज्य सुरक्षा समिति ने सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया है। फिलहाल अन्य राजनीतिक नेताओं और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा आगे भी जारी रहेगी और आवश्यकता के अनुसार उसमें बदलाव किए जाएंगे।



